Kbhe bhe gyan ka anhkar mat kro
बहुत समय पहले एक गांव में एक पंडित जी रहते थे। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे। उन्होंने सभी ग्रंथों का अध्ययन किया हुआ था। उन्हें अनेक भाषाओ का ज्ञान था और व्याकरण पर भी उनकी पकड़ बहुत मजबूत थी। पंडित जी अपने ज्ञान के बारे में बहुत डींगे हाँकते थे। कहते थे , " उनकी टककर का कोई भी विद्वान् इस देश में नहीं है। " उन्हें अपने ज्ञान पर बहुत घमंड था। लेकिन पंडित जी को जीवन के व्यावहारिक ज्ञान का बोध नहीं था। एक बार पंडित जी एक समारहो में भाग लेने के लिए पास गांव में गए। पास के गांव में जाने के लिए नदी पर करनी पड़ती थी। पंडित जी ने एक नाव किराये पर ली और उसमे बैठकर दूसरे गांव की और चल दिए। ...