schcha hira
प्राय सभी को अपनी संतान अच्छी लगती है ,किंतु वास्तव में प्रशसनीय कौन है ?आइए जाने ,इस कहानी को पढ़कर - चार सहेलियाँ थी -माधुरी ,विजया ,कुंती और सरला। एक ही गांव में रहती थी। खेत -खलिहान ,पानी -पनघट कहीं -न -कहीं मिल ही जाती और जितना समय मिलता बाते करती रहती। एक शाम की बात है। चारो सहेलियाँ अपने -अपने घड़े लेकर कुँए पर पहुंची ,कुँए की पक्की जगत पर ही बैठकर आपस में इधर -उधर की बातचीत करने लगी। करते -करते बात बेटो पर जा पहुंची। माधुरी कहने लगी -" भगवान सब को मेरे जैसा ही बेटा दे। मेरा बेटा ...