Bhart ko aajad krne ke liye kdi mhnt kri in mhapursho ne
आज हम उन महापुरषो को भूलते जा रहे है जिनकी वजह से आज हम आजादी का आनंद ले रहे है। हम सब एक बार फिर उनको याद कर लेते है। 1857 के विद्रोह के बाद ,भारत के लोगो ने महसूस किया कि भारतीय समाज में अनेक सामाजिक कुरीतियाँ ,जैसे --जाति प्रथा ,सती प्रथा ,बाल विवाह तथा बालिका शिशु हत्या ऐसी कुरीतियाँ थी ,जो समाज का नाश कर रही थी तथा इसे पिछड़ा बना रही थी। ये भारत तथा इसकी जनता की बुरी दशा का कारण थी। कुछ शिक्षित भारतीयों ,जैसे --राजा राममोहन राय ,ईश्वर चंद्र विद्यासागर ,सर सैय्यद अहमद खां ,नारायण गुरु आदि ने अनुभव किया कि विधवाओं तथा स्त्रियों के उत्थान के लिए इन पुरानी धारणाओं तथा अंधविश्वासों को समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने अनुभव किया कि समाज में इन परिवर्तनों के बिना भारत एकजुट होने तथा अंग्रेजो से लड़ने में सक्षम नहीं हो सकता। यह कार्य लोगो को शिक्षित करके किया जा सकता था। अनेक समाज -सुधारको न...