Vrksho ka mhttv

वृक्ष हमारे किये अत्यंत  उपयोगी है। कवि ने वृक्षों के महत्त्व का बड़ा ही सुंदर वर्णन किया है। 

संध्या हो या दिवस सवेरा ,
ऑक्सीजन बिखराते पेड़। 
पर पीड़ा हर सुख दे करके 
अपना सर्वस्व लुटाते पेड़। 





अगर पेड़ है तो छाया है ,
अगर है तो हरियाली। 
कोयल ,कौआ ,तोता ,मैना ,
सबका घर वृक्षों की डाली। 




"मानव क्यों बेदर्द बना तू ",
अपना राग सुनाते पेड़। 
अंगविहीन होने पर भी ,
अश्रु नहीं बहाते पेड़। 



पत्थर मारो फल देते है ,
सदा फूलते -फलते है। 
सदा -साधुओ की विधि तरुवर ,
जीवन धन दे चलते है। 


खंजन ,बुलबुल ,बया ,फाख्ता ,
दिल में इन्हे बसाते पेड़। 
ईंधन ,चारा फल -फूल ,ओषधि ,
दे करके मिट जाते पेड़। 



इन्हे देखकर बादल आते ,
धरती की प्यास बुझाते है। 
धूल ,धुए को दूर भगाकर ,
पर्यावरण को शुद्ध बनाते है। 


हरियाली की वुंदावली सी ,
धरती पर ये लाते पेड़। 
रोग विनाशक ,शोक निवारक ,
सबको सुख पहुंचते पेड़। 









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