Kam se nam

हम सभी बड़ा व प्रसिद्ध व्यक्ति बनना चाहते है किंतु इसके लिए मार्ग का चुनाव कैसे करे ? इसी बात पर प्रकाश डाला गया है। रमेश जब भी किसी प्रसिद्ध अभिनेता ,खिलाडी ,वैज्ञानिक अथवा कलाकार को पुरस्कार या सम्मान पाते देखता तो उसका मन भी ललचा उठता। काश !कभी वह भी इतना बड़ा आदमी बन सके। वह अनेक कल्पनाओ में खोया रहता। कभी -कभी उसे लगता कि उसने कुछ ऐसी नई खोज की है कि चारो ओर उसके नाम की धूम मच गई है। इसी प्रकार के अनेक सपनो में वह लीन रहता। शिल्पा दीदी बहुत दिनों से यह सब देख रही थी कि रमेश किताबो आगे रखकर कुछ सोचता रहता है। एक दिन उन्होंने उससे पूछ लिया --" रमेश , क्या सोच रहे हो,,,,,,?" रमेश >> कुछ नहीं दीद...